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मंदिर से श्री क्षेत्र नसईगड तक पालखी, भाद्रपद वद्य द्वितीया को।
सोमवार, २८ सितंबर २०२६
भाद्रपद कृष्ण २
दस लक्षण की समाप्ति के अगले दिन नगर के जैन मंदिर से पालखी निकलती है और दो फर्लांग चलकर श्री क्षेत्र नसईगड पहुँचती है। गड पर अभिषेक एवं पूजन होता है, और उसी दिन पालखी लौट आती है। जो भी साथ चलना चाहे, उसका स्वागत है।
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जैन पर्व